पारसमल के लैपटॉप और मोबाइल से मिली अहम जानकारियां

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पारसमल के लैपटॉप और मोबाइल से मिली अहम जानकारियां

ईडी अधिकारी यह पता लगाने की कोशिश कर रहे हैं कि कौन-कौन लोग उसके हवाला रैकेट में शामिल हैं और नोटबंदी के बाद उन्होंने कितने करोड़ रुपये के पुराने नोटों को नए नोटों में बदला।

जागरण ब्यूरो, नई दिल्ली। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) नोटबंदी के नटवरलाल कारोबारी पारसमल लोढ़ा के राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय हवाला नेटवर्क का पता लगाने में जुटा है। लोढ़ा के मोबाइल फोन और कंप्यूटर से उसके संपर्को के बारे में अहम जानकारियां मिली हैं।

ईडी अधिकारी यह पता लगाने की कोशिश कर रहे हैं कि कौन-कौन लोग उसके हवाला रैकेट में शामिल हैं और नोटबंदी के बाद उन्होंने कितने करोड़ रुपये के पुराने नोटों को नए नोटों में बदला। ईडी के एक वरिष्ठ अधिकारी ने शुक्रवार को कहा, पारसमल अपने हवाला नेटवर्क के बारे में ज्यादा खुलकर नहीं बता रहा है। लेकिन उसने नोटबंदी के बाद सात करोड़ रुपये के पुराने नोट बदलने की बात स्वीकार की है।

इन नोटों के बदले नए नोट उसने दिल्ली के वकील रोहित टंडन और चेन्नई के खनन माफिया शेखर रेड्डी को दिए थे। टंडन के पास से 2.6 करोड़ रुपये जबकि रेड्डी के ठिकाने से 34 करोड़ रुपये के नए नोट बरामद किए गए थे। इससे नए नोट बदलने के धंधे में पारसमल की तरह कई अन्य नटवरलाल के सक्रिय होने की आशंका को बल मिलता है। सीबीआइ और ईडी मिलकर इन लोगों का पता लगाने की कोशिश कर रहे हैं। शेखर रेड्डी इस समय सीबीआइ जबकि पारसमल ईडी की हिरासत में है।

वैद्यनाथ अरबन कोऑपरेटिव बैंक के दो अफसर गिरफ्तार

मुंबई, प्रेट्र : सीबीआइ ने पुणे में 25 करोड़ की नकदी बरामदगी मामले में वैद्यनाथ अरबन कोऑपरेटिव बैंक के अधिकारियों के खिलाफ एफआइआर दर्ज कर ली है। महाराष्ट्र से भाजपा सांसद प्रीतम मुंडे इस बैंक की निदेशक हैं। जांच एजेंसी ने इस मामले में महाराष्ट्र के 11 शहरों की 40 जगहों पर छापेमारी के दौरान अहम दस्तावेज बरामद होने का दावा किया है।

बीती 15 दिसंबर को पुणे में एक बार से 25 करोड़ रुपये की नकदी मिली थी, जिसमें 10 लाख रुपये के 2000 के नए नोट थे। जांच के दौरान पता चला कि इस मामले में वैद्यनाथ अरबन कोऑपरेटिव बैंक के अधिकारी शामिल हैं।

इस बैंक के बीड स्थित मुख्यालय से 19 नवंबर को 25 करोड़ रुपये घाटकोपर स्थित ब्रांच नए नोट में बदलने के मकसद से भेजे गए थे। सीबीआइ यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि बैंक में जमा यह रकम किसकी थी और इसे बदलने के लिए नए नोटों की सप्लाई कहां से हो रही थी।

पढ़ेंः दिल्ली के गांधी नगर, कश्मीरी गेट पायरेसी के अड्डेः अमेरिकी एजेंसी

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